वॉशिंगटन/इस्लामाबाद। महीनों से चले आ रहे अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की दिशा में बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऐलान किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते के “फाइनल, सहमत टेक्स्ट”** पर रजामंदी बन गई है और अब अगले कदमों पर काम चल रहा है।
शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
शरीफ ने कहा, “शांति कभी इतनी करीब नहीं रही जितनी आज है।” उन्होंने बताया कि पाकिस्तान पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहा है और अब समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका और ईरान दोनों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका और ईरान के बीच इस साल की शुरुआत में बड़ा सैन्य टकराव शुरू हुआ था। बाद में दोनों पक्ष युद्धविराम (ceasefire) पर सहमत हुए, लेकिन एक स्थायी समझौते को लेकर बातचीत कई बार अटकी। विवाद का बड़ा मुद्दा Strait of Hormuz रहा — दुनिया के तेल व्यापार का यह अहम रास्ता बंद होने की आशंका से वैश्विक बाजार कई बार हिले।
हालांकि अभी पूरी तरह तस्वीर साफ नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरानी अधिकारियों ने समझौते के “गलत ब्योरे” लीक किए हैं, जिनका असल सहमति से कोई लेना-देना नहीं है।
बाजार पर असर: कच्चा तेल लुढ़का
समझौते की खबर आते ही कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई। पिछले कुछ हफ्तों से Strait of Hormuz में तनाव के चलते तेल महंगा हो रहा था, जिससे दुनियाभर के बाजारों पर दबाव था।
भारत पर क्या असर?
भारत के लिए यह राहत भरी खबर है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, और इसका एक बड़ा हिस्सा इसी Strait of Hormuz से होकर आता है। अगर तनाव घटता है और तेल सस्ता होता है, तो इससे भारत में महंगाई पर लगाम लगेगी और शेयर बाजार को भी सहारा मिलेगा। पिछले हफ्ते इसी तनाव की वजह से Sensex-Nifty दबाव में थे।
नोट: यह एक विकसित होती खबर है। समझौते की अंतिम पुष्टि और शर्तें आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होंगी।
Sources: Al Arabiya | The Hill

