जोहान्सबर्ग. दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हुए G20 लीडर्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की आवाज मजबूती से रखी। PM मोदी ने समिट के तीन सत्रों को संबोधित** किया और वैश्विक मुद्दों पर भारत का नजरिया पेश किया। उन्होंने समिट में हुई भागीदारी को ‘सार्थक’ और नेताओं के साथ बैठकों को ‘उपयोगी’ बताया। इस दौरान PM ने कई बड़े और अहम प्रस्ताव सामने रखे।
मोदी के अहम प्रस्ताव
- ड्रग-आतंक गठजोड़ (drug-terror nexus) के खिलाफ एक G20 पहल शुरू करने का प्रस्ताव
- एक वैश्विक हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम के गठन का सुझाव
- वैश्विक विकास के ढांचों (global development frameworks) की पुनर्समीक्षा का आह्वान
- मानव-केंद्रित, टिकाऊ और समावेशी विकास पथ पर भारत का जोर
PM ने कहा कि बड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयास जरूरी हैं।
दुनिया के नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें
समिट के इतर PM मोदी ने कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को गहरा किया:
- ब्रिटेन के PM कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
- जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा
- मलेशिया के PM अनवर इब्राहिम, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग
- UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सिएरा लियोन के राष्ट्रपति से भी मुलाकात
दक्षिण अफ्रीका के साथ रिश्ते मजबूत
PM मोदी ने मेजबान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार-निवेश, खाद्य सुरक्षा, कौशल विकास, खनन और युवा आदान-प्रदान समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति पर संतोष जताया। भारत लगातार ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है, और जोहान्सबर्ग समिट में भी यही झलक दिखी।
(यह रिपोर्ट आधिकारिक बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)
Sources: The Tribune | PMIndia

