नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे में बड़ी कार्रवाई हुई है। हादसे के बाद से फरार चल रहे मकान मालिक हरिराम को उसकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश समेत राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7** हो गई है।
गिरफ्तारी कैसे हुई
- हादसे के तुरंत बाद से फरार चल रहा मकान मालिक हरिराम राजस्थान के भिवाड़ी में छिपा हुआ था।
- दिल्ली पुलिस की टीम ने उसे उसकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश के साथ धर-दबोचा और तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
- जांच में सामने आया कि इमारत की ग्राउंड फ्लोर पर बिना अनुमति रेनोवेशन/निर्माण कार्य चल रहा था, जो हादसे की संभावित वजह मानी जा रही है।
अफसरों पर भी गिरी गाज
हादसे को लेकर प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के बीच कई नगर निगम (MCD) अफसरों को सस्पेंड किया गया है। हालांकि विपक्ष और स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिर्फ सस्पेंशन काफी नहीं है — बड़े अफसरों पर भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
पास की इमारत भी होगी खाली
प्रशासन ने हादसे वाली इमारत के बगल की बिल्डिंग को भी खाली करने का नोटिस जारी किया है, क्योंकि आशंका है कि वह भी असुरक्षित हो सकती है। यह कदम आगे किसी और हादसे को रोकने के मकसद से उठाया गया है।
पुराना इतिहास भी सामने आया
रिपोर्ट्स के मुताबिक चार साल पहले भी सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिर चुकी है — जिससे यह सवाल उठ रहा है कि दिल्ली में अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों को लेकर प्रशासन कितनी सख्ती से नियम लागू कर रहा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इमारत के निर्माण में कहां-कहां नियमों की अनदेखी हुई और क्या MCD के किसी अधिकारी ने जानबूझकर आंखें मूंदी थीं। मामले की मजिस्ट्रेट जांच भी जारी है।

